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27 मार्च को मथुरा से प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिए भाजपा से मिले चुनावी दायित्व का आगाज करने वाले योगी आदित्यनाथ ने 169 जनसभा, 15 प्रबुद्ध सम्मेलन और 13 रोड शो कर राजग प्रत्याशियों के लिए पसीना बहाया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कप्तान योगी आदित्यनाथ ने महज 61 दिन दोहरा शतक लगाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने 61 दिन के भीतर 204 चुनावी कार्यक्रम किए। 27 मार्च को मथुरा से प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिए भाजपा से मिले चुनावी दायित्व का आगाज करने वाले योगी आदित्यनाथ ने 169 जनसभा, 15 प्रबुद्ध सम्मेलन और 13 रोड शो कर राजग प्रत्याशियों के लिए पसीना बहाया।
उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपने राज्य की वाराणसी संसदीय सीट से सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा लखनऊ से सांसद-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नामांकन में भी शामिल हुए। मतदाताओं ने मोदी के सारथी योगी आदित्यनाथ पर यकीन किया, जिसका परिणाम रहा कि हर रैली में लाखों की संख्या में पहुंचे मतदाताओं ने उन्हें सिर आंखों पर बैठाया। यही नहीं, योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी 80 लोकसभा सीटों के साथ ही 12 राज्य व दो केंद्रशासित प्रदेशों में भी 'कमल के कमाल' की अपील की।
योगी ने की 169 जनसभा, 15 प्रबुद्ध सम्मेलन और 13 रोड शो
योगी आदित्यनाथ ने 27 मार्च को ब्रज भूमि में हेमा मालिनी के पक्ष में प्रबुद्ध सम्मेलन कर चुनावी कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद तापमान 47-48 भी पहुंचा तो भी योगी की इच्छाशक्ति को डिगा न सका। उत्तर प्रदेश से भाजपा, सुभासपा, रालोद व अपना दल एस के सभी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगा। ढाई महीने के चुनावी कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने 61 दिन प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कुल 204 चुनावी कार्यक्रम किए। इनमें से 169 जनसभा, 15 प्रबुद्ध सम्मेलन, 13 रोड शो के अलावा अधिवक्ता सम्मेलन, नारी सम्मेलन, कार्यकर्ता सम्मेलन, लोकसभा संचालन समिति की बैठक, नामांकन समेत कई कार्यक्रमों में शिरकत की।
पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी समेत कई नामचीनों के लिए भी संभाला मोर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कुल 12 केंद्रीय मंत्रियों के लिए योगी आदित्यनाथ ने यूपी में मोर्चा संभाला। इसके अलावा भाजपा के कई राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पक्ष में भी उनकी लोकसभा सीटों पर प्रचार करने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामांकन के साथ ही अधिवक्ता सम्मेलन, लोकसभा संचालन समिति की बैठक, नारी वंदन संवाद, जनसभा समेत कई कार्यक्रमों का सीएम योगी ने नेतृत्व किया तो वहीं रक्षा मंत्री के नामांकन से लेकर जनसभा तक की कमान भी संभाली। वहीं यूपी की सीटों से सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, एसपी सिंह बघेल, भानु प्रताप सिंह वर्मा, पंकज चौधरी, महेंद्र नाथ पांडेय, अनुप्रिया पटेल, संजीव बालियान, साध्वी निरंजन ज्योति, अजय मिश्र टेनी, कौशल किशोर के पक्ष में भी योगी आदित्यनाथ ने यूपी के मुखिया के दायित्व का निर्वहन करते हुए कई रैलियां कीं। इसके अलावा भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर समेत कई राष्ट्रीय पदाधिकारियों के लिए भी योगी ने जनसमर्थन मांगा।
यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों पर पहुंचे योग
हर बार की तरह इस बार भी यूपी ही दिल्ली की जीत का बड़ा रास्ता तय करेगा। अबकी पार-400 पार का आधार यूपी ही बनेगा। इस आधार के मजबूत स्तंभ के रूप में योगी आदित्यनाथ ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार सत्ता दिलाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के संभवतः ऐसे पहले मुख्यमंत्री होंगे, जो लगभग तीन-चार महीने के भीतर हर जनपद में पहुंचते हैं। इस बार भी ढाई महीने के भीतर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से यहां की विकास कार्यों की जानकारी भी ली। आमजन से योगी का यह संवाद यूपी में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है।
मुखिया के तौर पर नए प्रत्याशियों का भी हाथ थामे रखा